गोरखपुर में लघु सिनेमा महोत्सव: प्लूटो को सर्वश्रेष्ठ फिल्म, तिग्मांशु धूलिया ने नई पीढ़ी पर जताई चिंता
सिने रंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित लघु सिनेमा महोत्सव में फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने फिल्म निर्माण में प्रशिक्षण की अहमियत बताई और नई पीढ़ी के रुझानों पर चिंता जताई। कार्यक्रम में कई फिल्मों और कलाकारों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
लघु सिनेमा महोत्सव गोरखपुर
सिने रंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित लघु सिनेमा महोत्सव में फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने फिल्म निर्माण में प्रशिक्षण की अहमियत बताई और नई पीढ़ी के रुझानों पर चिंता जताई। कार्यक्रम में कई फिल्मों और कलाकारों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
धूलिया ने कहा कि रंगमंच से फिल्म की दुनिया में आने पर कलाकारों के साथ काम करना और फ्रेम सेटिंग जैसी चीजें आसान हो जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी रील, शॉट्स और मोबाइल पर समय बिताती है, पढ़ना और सोचने में समय कम देती है।
पुरस्कारों में प्लूटो को सर्वश्रेष्ठ फिल्म, हैप्पी बर्थ डे और मटर पनीर को क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान मिला। सेकेंड चांस और थाली को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
अन्य पुरस्कार विजेता:
बेस्ट डायरेक्टर: डॉ चैतन्य प्रकाश (अनहोल्ड स्टोरी)
बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर: कुमारी सृष्टि (ऊंची ताक)
बेस्ट एक्टर: आलोक सिंह राजपूत (अल्टर)
बेस्ट एक्ट्रेस: सेकंड चांस में मां की भूमिका
बेस्ट चाइल्ड एक्टर: मटर पनीर के तीन बाल कलाकार
बेस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस: डोपेस्टिक की बाल कलाकार
बेस्ट नेगेटिव रोल: अन्तस्थ में के कलाकार
बेस्ट राइटर: अक्षय जाधव
समापन में डॉ महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि लघु फिल्में समाज में बदलाव लाने और संवेदनाओं को जगाने में मदद करती हैं। उन्होंने गोरखपुर में फिल्म क्षेत्र की सक्रियता बढ़ने पर प्रसन्नता जताई।
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