यूपी में कौशल क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार

एनएईसी–एससीवीटी के बीच एमओयू, एक लाख युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण

Jan 23, 2026 - 15:37
Jan 23, 2026 - 17:07
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यूपी में कौशल क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ, 23 जनवरी। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जनपद गौतम बुद्ध नगर स्थित नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (एनएईसी) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू प्रदेश में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमशीलता को नई दिशा देगा।

 मुख्य बिंदु (Highlights)

  • एनएईसी–एससीवीटी एमओयू से 1 लाख युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण

  • 28 सेक्टर, 5 वर्षों में प्रशिक्षण; 70,000 को रोजगार

  • 50% महिलाएँ—महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

  • प्रशिक्षण-से-प्लेसमेंट तक डिजिटल पोर्टल आधारित प्रबंधन

  • एससीवीटी द्वारा मूल्यांकन व प्रमाणन, राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाठ्यक्रम

पश्चिमी यूपी के युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण

इस एमओयू के तहत एनएईसी द्वारा पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों के 128 विकास खंडों और 10,323 ग्रामों से जुड़े एक लाख अभ्यर्थियों को आगामी पांच वर्षों में 28 सेक्टरों में अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें से 70,000 युवाओं को प्रशिक्षण उपरांत औद्योगिक इकाइयों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

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महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम की एक अहम विशेषता यह है कि कुल प्रशिक्षणार्थियों में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित की गई है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें संगठित उद्योगों से जोड़कर स्थायी आजीविका के अवसर मिलेंगे।

एनएईसी बनेगा स्किल ट्रेनिंग का प्रमुख केंद्र

देश के अग्रणी अपैरल निर्यात क्लस्टर के रूप में एनएईसी, गारमेंट उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की पूरी प्रक्रिया एनएईसी के डिजिटल प्लेटफॉर्म “कौशल गंगा” के माध्यम से संचालित होगी। इसके साथ ही “कौशल आजीविका” और “कौशल बाजार” पोर्टल प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार और बाजार से जोड़ने में सहायक होंगे।

एससीवीटी करेगा मूल्यांकन और प्रमाणन

इस सहभागिता में एससीवीटी सभी प्रशिक्षणार्थियों के मूल्यांकन और प्रमाणन का दायित्व निभाएगा। एनएईसी द्वारा प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए ₹1200 प्रमाणन शुल्क दिया जाएगा। साथ ही एससीवीटी अपने स्तर से पाठ्यक्रम तैयार कर उन्हें राष्ट्रीय परिषद से अनुमोदित कराएगा।

‘कौशल से आत्मनिर्भरता’ की दिशा में बड़ा कदम

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य हर युवा को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ना है। एनएईसी–एससीवीटी का यह एमओयू उद्योग–शिक्षा सहभागिता को मजबूत करते हुए उत्तर प्रदेश को देश के स्किल हब के रूप में स्थापित करेगा।

एमओयू हस्ताक्षर के अवसर पर प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम तथा विशेष सचिव एवं निदेशक एससीवीटी अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को प्रदेश की कौशल नीति के लिए मील का पत्थर बताया।

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