मंत्री ए के शर्मा के नेतृत्व में रिकॉर्ड प्रगति, घाटमपुर परियोजना की 660 मेगावाट यूनिट-3 का सफल सिंक्रोनाइजेशन
मंत्री ए के शर्मा के नेतृत्व में रिकॉर्ड प्रगति, घाटमपुर परियोजना की 660 मेगावाट यूनिट-3 का सफल सिंक्रोनाइजेशन
लखनऊ(हिन्द भास्कर):- ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के नेतृत्व में घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट यूनिट-3 का सिंक्रोनाइजेशन हो गया है! यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी। घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की यूनिट-3 का सिंक्रोनाइजेशन हो गया है, जो प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी।
यह परियोजना NUPPL द्वारा संचालित है, जो एनएलसी इंडिया लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। परियोजना के पूर्ण रूप से संचालित होने के पश्चात प्रतिदिन लगभग 47.52 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे प्रदेश की निरंतर बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा तथा आमजन को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की यूनिट-3 के जुड़ने से प्रदेश की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता लगभग 13,388 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। उल्लेखनीय है कि यूनिट-1 एवं यूनिट-2 पहले ही क्रमशः दिसंबर 2024 और दिसंबर 2025 से सफलतापूर्वक संचालन में हैं, जो इस परियोजना की निरंतर प्रगति को दर्शाता है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्धारित आवंटन के अनुसार, इस परियोजना से उत्पादित लगभग 93.11% बिजली उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगी, जबकि शेष बिजली अन्य राज्यों को आपूर्ति की जाएगी।
इससे न केवल प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, बल्कि अंतर्राज्यीय ऊर्जा संतुलन को भी मजबूती मिलेगी। झारखंड राज्य के पचवारा साउथ कोल ब्लॉक का विकास तीव्र गति से हो रहा है, जिससे परियोजना के लिए दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में निर्बाध विद्युत उत्पादन होगा। पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप यह परियोजना अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिसमें एफजीडी एवं एससीआर जैसी उन्नत प्रणालियों का उपयोग किया गया है।
इन तकनीकों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण के साथ “Zero Liquid Discharge” की व्यवस्था की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऊर्जा मंत्री शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार विश्वसनीय, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह उल्लेखनीय उपलब्धि न केवल ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति को दर्शाती है, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश को आकर्षित करने तथा समग्र आर्थिक वृद्धि को भी नई गति प्रदान करेगी। उत्तर प्रदेश अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है, जो प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
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