सहकारिता से सशक्त होगा समाज, सामूहिक प्रयास से बदलेंगे हालात, वाराणसी में सहकार भारती की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक का आगाज

सहकारिता से सशक्त होगा समाज, सामूहिक प्रयास से बदलेंगे हालात, वाराणसी में सहकार भारती की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक का आगाज

Apr 1, 2026 - 21:50
Apr 1, 2026 - 21:58
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सहकारिता से सशक्त होगा समाज, सामूहिक प्रयास से बदलेंगे हालात, वाराणसी में सहकार भारती की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक का आगाज

वाराणसी(हिन्द भास्कर):- सहकारिता के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश सहकार भारती की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक का शुभारंभ बुधवार को दुर्गाकुंड स्थित श्री धर्मसंघ शिक्षा मंडल के सभागार में हुआ।

दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में शिक्षक, यूपी शिक्षक, सहकारी कार्यकर्ता और विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत माता एवं सहकार भारती के संस्थापक स्वर्गीय लक्ष्मण राव इनामदार के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिससे पूरे वातावरण में राष्ट्र और संगठन के प्रति समर्पण का भाव दिखाई दिया।

बैठक का उद्घाटन पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह डॉ0 वीरेंद्र जायसवाल ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने सहकारिता आंदोलन को समाज निर्माण का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि सामूहिकता और संस्कार ही किसी भी समाज को आगे बढ़ाने की असली ताकत हैं।

उन्होंने छोटे-छोटे समूहों के माध्यम से बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने का आह्वान किया और कहा कि सहकारिता के जरिए आर्थिक ही नहीं, सामाजिक परिवर्तन भी संभव है। इस दौरान उपस्थित शिक्षक और यूपी शिक्षक भी इस विचारधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित नजर आए।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 अरुण कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर, विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों, शिक्षक और यूपी शिक्षक का स्वागत करते हुए बैठक की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ा जा सकता है और ऐसी बैठकों से संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलती है।

इसके बाद प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए पिछले छह महीनों में सहकार भारती द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी और आगामी योजनाओं की रूपरेखा रखी। राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया ने अपने संबोधन में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए सहकारिता मॉडल को वर्तमान समय की चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताया।

उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग का उदाहरण देते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी सामूहिक प्रयास से असंभव कार्य संभव हो जाते हैं। माता सीता की खोज के दौरान वानर सेना और वनवासियों के सहयोग से अल्प समय में सेतु निर्माण इसका उदाहरण है, जिसमें गिलहरी तक ने अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन है, जो रोजगार सृजन और समावेशी विकास का मजबूत आधार बन सकता है।

साथ ही उन्होंने पैक्स, मत्स्य, एफपीओ, दुग्ध, एसएचजी सहित अन्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और वित्तीय प्रगति पर विशेष जोर दिया। श्री धर्मसंघ शिक्षा मंडल के सचिव पंडित जगजीतन पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में आर्थिक समृद्धि का मार्ग संगठन और सामूहिक प्रयासों से ही प्रशस्त होता है। उन्होंने सहकारिता को समाज के विकास का आधार बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र के समापन पर प्रदेश उपाध्यक्ष डी.पी. पाठक ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे आगामी तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को आत्मसात करें। उन्होंने प्रदेश की सहकारी समितियों की संस्थागत सदस्यता बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता बताई। दोपहर में आयोजित तकनीकी सत्रों में विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई।

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ0 एस. के. सिंह ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गौ आधारित उत्पादों जैसे गोबर और मूत्र का वैज्ञानिक उपयोग खेती को अधिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बना सकता है। वहीं नाबार्ड की सोनिका राणा ने सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन, वित्त पोषण और संचालन की बारीकियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

इसके पश्चात विभिन्न समूहों में बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संगठनात्मक मजबूती और दायित्वों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश के जिला एवं महानगर अध्यक्षों तथा प्रकोष्ठ प्रमुखों की बैठक को डॉ0 अरुण कुमार सिंह ने संबोधित किया। महिला प्रमुखों और एसएचजी प्रकोष्ठ प्रमुखों की बैठक का संचालन मीनाक्षी राय ने किया।

जिला महामंत्रियों की बैठक राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया और प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे ने ली, जबकि संगठन प्रमुखों एवं विभाग संयोजकों की बैठक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता द्वारा संचालित की गई। कार्यक्रम का संचालन हरेंद्र सिंह, कैलाश निषाद, लोकेंद्र सिंह और आनंद पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया।

बैठक के दौरान शिक्षक, यूपी शिक्षक और सहकारिता से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण बना दिया। उपस्थित प्रमुख जन: डॉ0 वीरेंद्र जायसवाल, दीपक चौरसिया, पंडित जगजीतन पाण्डेय, सुनील गुप्ता, डॉ0 अरुण कुमार सिंह, अरविंद दुबे, संजय पाचपोर, डी.पी. पाठक, डॉ0 एस. के. सिंह, श्रीमती सोनिका राणा, मीनाक्षी राय, हरेंद्र सिंह, कैलाश निषाद, लोकेंद्र सिंह, आनंद पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, यूपी शिक्षक एवं विभिन्न जिलों के पदाधिकारी।

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