अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: 'अयोध्या में दानपात्र नहीं बचा पाए, युवाओं-किसानों का संकट नहीं रोकेंगे', संसद में सपा का प्रदर्शन
अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: 'अयोध्या में दानपात्र नहीं बचा पाए, युवाओं-किसानों का संकट नहीं रोकेंगे', संसद में सपा का प्रदर्शन
नई दिल्ली(हिन्द भास्कर):- बुधवार को संसद परिसर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में समाजवादी पार्टी के सांसदों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार को छात्रों, नौजवानों और किसानों के लिए सबसे बड़ा संकट बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि "जो सरकार अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दान पात्र को नहीं बचा पाई, चढ़ावा चोरी हो गया, उससे पेपर लीक रोकने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
भाजपा ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया है। यही लोग युवाओं, छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि "भाजपा सरकार ही सबसे बड़ा संकट है। जब तक भाजपा सरकार नहीं जाएगी, संकट खत्म नहीं होगा। आंदोलन के दौरान छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठीचार्ज हुआ। कई छात्र-नौजवान घायल हुए और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।
ये बड़े सवाल हैं, सरकार को इनका जवाब देना होगा। पुलिस और सशस्त्र बल गृह विभाग में आते हैं। सरकार बताए कि छात्रों और नौजवानों पर किसके आदेश पर बल प्रयोग हुआ।" अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों को किसान विरोधी भी बताया। उन्होंने कहा कि "भाजपा सरकार की गलत नीतियों से छात्र, नौजवान, किसान, मजदूर सभी दुखी हैं। नौजवानों को नौकरी-रोजगार नहीं मिल रहा। किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहा।
उत्तर प्रदेश में धान की फसल के लिए किसानों को डीएपी और यूरिया के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों पर लाइनें लग रही हैं। खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी हो रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि "भाजपा सरकार में डीएपी-यूरिया सिर्फ कागजों पर उपलब्ध है। जबसे भाजपा सरकार आई है तबसे खाद, बीज, कीटनाशक का संकट बना हुआ है।
हर सीजन में किसानों को खाद के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ता है। जब संकट होता है तो सरकार कागजी आंकड़े लेकर आ जाती है। सरकार के आंकड़ों और जमीनी सच्चाई में बहुत फर्क है।"
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