शिक्षामित्रों ने विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग को लेकर एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा ज्ञापन
गोरखपुर में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) में शिक्षामित्रों को शामिल किए जाने की मांग को लेकर एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्रों ने करीब 25-26 वर्षों के शिक्षण अनुभव का हवाला देते हुए विशेष टीईटी की कार्ययोजना में आवश्यक संशोधन की मांग की। एमएलसी ने मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष राम नगीना निषाद के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षामित्र पदाधिकारियों ने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के आवास पर पहुंचकर विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) में शिक्षामित्रों को शामिल किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 की ओर से 2 सितंबर 2026 को जारी विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा की कार्ययोजना में शिक्षकों के साथ विशेष शिक्षकों और एजुकेटर्स को शामिल किया गया है, लेकिन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को परीक्षा से बाहर रखा गया है।
जिला अध्यक्ष राम नगीना निषाद ने कहा कि प्रदेश के लाखों शिक्षामित्र लंबे समय से विद्यालयों में पूरी निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दशक से अधिक का शिक्षण अनुभव रखने वाले शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर नहीं देना उनके भविष्य के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने शासन से विशेष टीईटी की कार्ययोजना एवं नियमावली में आवश्यक संशोधन कर शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में शामिल करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलने से शिक्षामित्र अपनी योग्यता हासिल करने के साथ भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। संगठन की ओर से एमएलसी से इस मुद्दे को शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से उठाने का अनुरोध किया गया।
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षामित्रों की मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुनते हुए इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश कुमार, महामंत्री राजनाथ यादव, संतोष कुमार गुप्ता, अशोक चंद्रा, रामनाथ, रमेश चंद, परीक्षित उपाध्याय, संतोष सिंह, शिवचन्द गुप्ता, गोपालजी सिंह, सीमा देवी, रामानंद राव, नरसिंह प्रजापति, लालधर निषाद, बेचन सिंह आदि मौजूद रहे।
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