UPCOS ब्लू-प्रिंट से बड़ा खुलासा - पुरानी आउटसोर्स व्यवस्था खत्म, अब 1-5 तारीख को वेतन, 100% आरक्षण और मनमानी बर्खास्तगी पर रोक
UPCOS ब्लू-प्रिंट से बड़ा खुलासा - पुरानी आउटसोर्स व्यवस्था खत्म, अब 1-5 तारीख को वेतन, 100% आरक्षण और मनमानी बर्खास्तगी पर रोक
लखनऊ(हिन्द भास्कर):- उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) को लेकर शासन का पूरा रोडमैप सामने आ गया है। शासनादेश सं- 3/2025/205/बीस-13-वि-2025 के विस्तृत परिचालन ब्लू-प्रिंट के मुताबिक UPCOS अब सिर्फ भर्ती एजेंसी नहीं, बल्कि एक नियामक निकाय (Regulatory Body) के रूप में काम करेगा। ये Section-8 Non-Profit कंपनी होगी।
पुरानी व्यवस्था की 4 बड़ी कमियों पर चोट:
- समय पर वेतन न मिलना - अब हर माह 1-5 तारीख तक निश्चित भुगतान
- EPF और ESI जमा न होना - अब 100% अनुपालन और बैंक खाते में सीधा भुगतान
- कमीशन में असमानता और मनमानी - अब केंद्रीकृत नियंत्रण और समान कमीशन दरें
- आरक्षण का उल्लंघन - अब SC/ST/OBC/EWS/महिला/दिव्यांग को शत-प्रतिशत आरक्षण
त्रिपक्षीय समझौते पर चलेगा सिस्टम:
UPCOS नियामक होगा जो GeM पोर्टल से एजेंसियों का चयन करेगा (न्यूनतम 3 साल के लिए)। क्रय विभाग (Client) 29 तारीख तक उपस्थिति दर्ज करेगा और बजट देगा। आउटसोर्सिंग एजेंसी (Employer) सेवायोजन पोर्टल से भर्ती करेगी और वेतन/EPF देगी। काम में विफलता पर ब्लैकलिस्टिंग और पेनल्टी होगी।
एजेंसियों के लिए कठोर Compliance Clock:
1 से 5 तारीख: एजेंसी को कर्मियों के खाते में वेतन भेजना अनिवार्य - 10 तारीख तक: EPF और ESI खाते में जमा करने का प्रमाण UPCOS को देना अनिवार्य - 10 तारीख के बाद: प्रमाण-पत्र सत्यापन के बाद ही एजेंसी को उसका कमीशन जारी होगा। चेतावनी - खाता खुलवाना और धनराशि जमा करना एजेंसी का प्रथम दायित्व है।
पारदर्शी Hiring Pipeline - 5 चरण:
मांग एवं आरक्षण (शासनादेश 26-11-2024 के तहत) -> सेवायोजन पोर्टल से शॉर्टलिस्टिंग (1 पद पर 5 उम्मीदवार, 2 या अधिक पद पर न्यूनतम 10) -> UPCOS और विभाग की निगरानी में 100-अंक प्रणाली से मूल्यांकन -> निगम द्वारा Unique Code और ID कार्ड का आवंटन -> एजेंसी द्वारा Placement Letter (PIL) जारी।
वस्तुनिष्ठ चयन - 100 अंक प्रणाली:
50 अंक: लिखित परीक्षा (श्रेणी-3 और 4 में कोई साक्षात्कार नहीं) - 25 अंक: अधिमानी अर्हता (अतिरिक्त योग्यता) - 15 अंक: स्थानीय निवास (जनपदीय निवासी को) - 10 अंक: विशेष महिला आरक्षण (वरीयता क्रम: विधवा -> तलाकशुदा -> परित्यक्ता)
कर्मियों के 4 बड़े अधिकार सुरक्षित:
EPF/ESI की पूर्ण गारंटी, समय-समय पर कौशल विकास प्रशिक्षण, मनमानी बर्खास्तगी पर रोक (एजेंसी खुद नहीं हटा सकती, विभाग और UPCOS की सहमति अनिवार्य), हर कर्मी का UPCOS में माइग्रेशन और Unique Code।
संगठनात्मक ढांचा:
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन), सदस्य वित्त, कार्मिक, न्याय और श्रम विभाग के सचिव। 6 सदस्यीय सलाहकार कमेटी (HR विशेषज्ञ, उद्यमी, टेक्नोक्रेट, स्ट्रेटेजिस्ट) और निगम मुख्यालय में पे-लेवल 14 के महानिदेशक व पे-लेवल 12 के कार्यकारी निदेशक नेतृत्व करेंगे।
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