सिसवा के विवादित अमृत सरोवर में डूबे 3 किशोरों का अंतिम संस्कार, परिजनों ने EO और JE का नाम FIR में जोड़ने की मांग की
सिसवा के विवादित अमृत सरोवर में डूबे 3 किशोरों का अंतिम संस्कार, परिजनों ने EO और JE का नाम FIR में जोड़ने की मांग की
महराजगंज(हिन्द भास्कर):- सोमवार को सिसवा नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या-25, मीराबाई नगर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन एवं विवादित अमृत सरोवर में नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से हुई मौत के मामले में सिसवा के खेखड़ा घाट पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पहले परिजनों ने मांग की कि दर्ज मुकदमे में कार्यदायी संस्था दीपक कंस्ट्रक्शन के अलावा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और जूनियर इंजीनियर JE का नाम भी शामिल किया जाए।
इस दौरान कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश कुमार वर्मा तथा तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने परिजनों को समझाया। अधिकारियों ने बताया कि निर्माणाधीन अमृत सरोवर की गुणवत्ता की जांच पहले से ही चल रही है और पूरे मामले पर जिलाधिकारी की नजर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विवेचना में यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसका नाम मुकदमे में शामिल किया जाएगा। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूर्व मंत्री एवं सिसवा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुशील कुमार टिबड़ेवाल ने मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की तथा घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। आप को बता दे कि रविवार दोपहर करीब एक बजे सिसवा नगर पालिका क्षेत्र के मीराबाई नगर स्थित पोखरा टोला निवासी राजबीर 13 पुत्र उमेश यादव, नीतीश यादव 12 पुत्र रमेश यादव, रोहन 13 पुत्र रामलखन तथा कृष्णा रौनियार 15 पुत्र कबूतर रौनियार निर्माणाधीन अमृत सरोवर में नहाने गए थे।
नहाने के दौरान रोहन, नीतीश और कृष्णा गहरे पानी में जाकर डूबने लगे। तीनों दोस्तों को डूबता देख राजबीर ने हिम्मत दिखाते हुए तैरकर बाहर निकलने में सफलता पाई। उसने रस्सी की मदद से दोस्तों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने शोर मचाकर परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नीतीश कक्षा छह, रोहन कक्षा सात और कृष्णा कक्षा नौ का छात्र था। कृष्णा के पिता सब्जी का व्यवसाय करते हैं और वह उनका इकलौता पुत्र था। रोहन के पिता मेडिकल स्टोर पर कार्यरत हैं और रोहन भी परिवार का इकलौता पुत्र था। वहीं, नीतीश के पिता खेती-किसानी करते हैं।
What's Your Reaction?
