डीडीयू में एन ई पी ओरिएंटेशन एवं सेंसिटाइजेशन का सातवां दिन
डीडीयू में एनईपी ओरिएंटेशन और सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम का तीसरा दिन
आचार्य रामचंद्र तिवारी और हिन्दी का गद्य साहित्य एक दूसरे के पर्याय हैं - शिव प्...
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 44वें दीक्षांत समारोह की शृंखला के अन...
समाज की जीवन्तता का प्रमाण उसकी परिवर्तनशीलता में निहित है।
विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने किया मंत्रमुग्ध
कुलपति से मिले सफल विद्यार्थी ;कुलपति ने कहा- यह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और उ...