कइसे दिन कटिहैं रामा एतना बताए जइहो

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के प्रांगण में शुक्रवार को संत कबीर अकादमी, मगहर (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता (ललित कला संकाय) एवं काव्य पाठ (हिंदी विभाग) में आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के बच्चों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सायं 06:00 बजे से विश्वविद्यालय प्रांगण में अवस्थित संवाद भवन में कलाकारों द्वारा निर्गुण भजन की प्रस्तुति दी गई।
संवाद भवन, दीनदयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर में कार्यक्रम की शुरुआत हमारे विशिष्ट अतिथि श्री शांतनु रस्तोगी (प्रो वाइस चांसलर एवं विभागाध्यक्ष भौतिकी विज्ञान संकाय, दीनदयाल विश्वविद्यालय गोरखपुर), श्री कमलेश कुमार गुप्ता (विभागाध्यक्ष हिन्दी संकाय), सुश्री डॉ. ऊषा सिंह (ललित कला एवं संगीत कला विभागाध्यक्ष, दीनदयाल विश्वविद्यालय गोरखपुर),
श्री अतुल द्विवेदी (निदेशक संत कबीर अकादमी, मगहर) प्रो0शांतनु रस्तोगी, संतकबीर अकादमी के सम्मानित सदस्य एवं सुविख्यात लोकगायक राकेश उपाध्याय, श्री हरिप्रसाद सिंह(सदस्य)एवं शास्त्रीय गायक डॉक्टर शरद मणि त्रिपाठी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।
निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव, संत कबीर अकादमी (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के अंतर्गत कबीर यात्रा आज अपने दूसरे पड़ाव गोरखपुर में दूसरे दिन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर में संपन्न हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्विद्यालय के बच्चों द्वारा निर्गुण भजन से हुई, इसके अतिरिक्त आज की प्रस्तुतियां कुछ इस प्रकार है:
ताना बाना बैंड, वाराणसी द्वारा के तोहरा संग जाई भंवरवा, कैसे दिन कटी है रामा जतन बताए जैहो जैसे भजनों पर पूरा प्रेक्षागृह झूम उठा।
मुकेश चौहान एवं दल, मध्य प्रदेश द्वारा मोहे सुन सुन आवे हंसी जैसे भजनों पर प्रेक्षागृह में बैठे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
भारती दीक्षित, मध्य प्रदेश द्वारा किस्सागोई ने सबका मन मोहा।
इसके अतिरिक्त मंच संचालन सुश्री रिता श्रीवास्त जी के द्वारा की गई।
ललित कला संकाय से अस्सिटेंट प्रोफेसर श्री गौरीशंकर चौहान, अस्सिटेंट प्रोफेसर प्रदीप कुमार साहनी एवं अस्सिटेंट प्रोफेसर श्री प्रदीप राजौरिया का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर संत कबीर अकादमी, मगहर के निदेशक श्री अतुल द्विवेदी, एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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