लखनऊ जंक्शन के शताब्दी वर्ष पूरे होने पर भव्य हैरिटेज प्रदर्शनी का हुआ आयोजन
लखनऊ जंक्शन के शताब्दी वर्ष पूरे होने पर भव्य हैरिटेज प्रदर्शनी का हुआ आयोजन
लखनऊ(हिन्द भास्कर):- लखनऊ जंक्शन स्टेशन के शताब्दी वर्ष (1926-2026) को लेकर आयोजित भव्य हैरिटेज प्रदर्शनी ने स्कूली बच्चों के लिए रेलवे के सुनहरे इतिहास, पुरानी तकनीकों और आधुनिक परिवर्तन की एक जीवंत यात्रा प्रस्तुत की। यह प्रदर्शनी न केवल मनोरंजन का स्रोत बनी, बल्कि बच्चों को भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, सांस्कृतिक महत्व और संरक्षा तथा सुरक्षा की भावना से परिचित कराने का माध्यम भी बनी।
सिटी मोन्टेसरी स्कूल (राजेन्द्र नगर शाखा) के 78 छात्र-छात्राओं, बाल विद्या मंदिर (चारबाग) के 75 छात्र-छात्राओं तथा सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल (गोयल कैम्पस) के 40 छात्र-छात्राओं ने उत्साह से इस प्रदर्शनी का भ्रमण किया। स्टेशन परिसर में स्थापित ब्रेल मानचित्र ने दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए समावेशिता का संदेश दिया, जबकि चलायमान टॉय ट्रेन और ‘हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस’ जैसी थीम ने बच्चों को जादुई सफर का अनुभव कराया।
कैबवे क्षेत्र में रखी 102 वर्ष पुरानी नैरो-गेज स्टीम लोकोमोटिव ‘ऐरावत’ जो 1924 में जॉन फाउलर एंड कंपनी, इंग्लैंड द्वारा निर्मित हुई और महाराजगंज जिले की ट्रामवे लाइन पर वन उत्पाद ढोने का काम करती थी ने सभी का ध्यान खींचा। यह पुरानी ‘छोटी लाइन’ के स्टीम युग की याद दिलाती है। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण पुरानी रेलवे मशीनरी और उपकरणों का संग्रह रहा।
रेलवे सुरक्षा बल की कांस्टेबल श्वेता ने गाइड की भूमिका निभाते हुए बच्चों को रोचक ढंग से पुराने यात्रा टिकट, टिकट पंचिंग मशीन, रेल ट्रैक मेंटेनेंस के औजार, पुरानी निरीक्षण ट्रॉली, सेमाफोर सिग्नल, टोकन ब्लॉक सिस्टम, पुरानी वर्दी, पुराने रेलवे पास तथा चित्रों में प्रदर्शित स्टीम क्रेन, रोड रोलर, पुराने रेल इंजन, स्टेशन भवन और रेलवे पुल के बारे में जानकारी दी।
सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के स्टॉल पर मैकेनिकल लीवर फ्रेम, ब्लॉक इंस्ट्रूमेंट्स और टोकन सिस्टम ने दिखाया कि कैसे पुराने समय में ट्रेनों का संचालन मैनुअल तरीके से होता था, जबकि आज इलेक्ट्रॉनिक और कंप्यूटरीकृत सिग्नलिंग ने सुरक्षा और गति को कई गुना बढ़ा दिया है। विभिन्न विभागों यथा परिचालन, इंजीनियरिंग, यांत्रिक, विद्युत, वाणिज्य, भण्डार, कार्मिक और रेलवे सुरक्षा बल के स्टालों ने रेलवे की आंतरिक कार्यप्रणाली को प्रदर्शित किया।
बच्चों ने रेलवे सुरक्षा बल के श्वान डॉग ‘माईकल’ से विशेष मुलाकात की और उसके साथ उत्साह से सेल्फी ली। आज विशेष रूप से मंडल कार्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी यह प्रदर्शनी दिखाई गई, जिससे उन्हें लखनऊ जंक्शन के 100 वर्षों के गौरवशाली सफर की जानकारी मिली।
यह हेरिटेज प्रदर्शनी और टूर बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक साबित हुआ, जिससे उन्होंने रेलवे के विकास, पुरानी से नई तकनीक के परिवर्तन, यात्री सुरक्षा की अहमियत और रेलवे की सामाजिक भूमिका को समझा।
छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी की जमकर प्रशंसा की और कहा कि इससे उनकी इतिहास, विज्ञान और इंजीनियरिंग के प्रति रुचि बढ़ी है। यह अप्रतिम प्रयास हमारी नई पीढ़ी को रेलवे की विरासत से जोड़ने में सफल साबित हो रहा है।
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