आग में तप कर लोहा भी तीर बनता है
आग में तप कर लोहा भी तीर बनता है
- चिनहट के रामलीला मैदान में होली मिलन, कवि सम्मेलन व हनुमान चालीसा का पाठ का हुआ आयोजन
लखनऊ(हिन्द भास्कर):- मंदिर चलो अभियान के तहत चिनहट के रामलीला मैदान में होली मिलन, कवि सम्मेलन व हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। सम्मेलन में कवि प्रेम शंकर शास्त्री “बेताब” ने “मिले जब हम सही मन से.. तो समझिए यार होली है” सुनाकर होली की फुहार छोड़ी। इसके बाद उन्होंने “नेह चमन से जोड़ दिया भारत के अमर सपूतों ने” सुनाकर माहौल को राष्ट्र प्रेम से सराबोर कर दिया।
कवि सम्मेलन का संचालक ओज कवि मुकेशानंद कर रहे थे उन्होंने कविता पाठ कर कहा कि “वतन के लिए जो बलिदान होता है, वो हमारे देश का भगवान होता है” कवि कृष्णानंद राय ने भोजपुरी में सुनाया कि रामजी कs महिमा अपार बा, अयोध्या में होत जय जयकार बा,, कवि कृष्ण कुमार मौर्य ने सुनाया की यही है प्रार्थना जब भी मेरा जन्म धरती पर हो, हमारे भाग्य में भगवान भारत वर्ष लिख देना।
देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में कवि मनुव्रत बाजपेयी ने पढ़ा कि आग में तप कर लोहा तीर बनता है। हिमशिखर गल कर पवन नीर बनता है। जब कोई युवराज चौदह वर्ष लड़ता है। तब कहीं वो वीर से रघुवीर बनता है। कविता की फुहार देर शाम तक चलती रही जिसमें अनिता अरोड़ा, रोहित सिरफिरा, योगेश चौहान अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को प्रभावित किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक पार्षद अरुण कुमार राय ने सभी को होली की बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एमएलसी मुकेश शर्मा, महापौर सुषमा खरकवार, भाजपा नेता राजीव मिश्रा, मनीष शुक्ला, कमल पांडेय, पूर्व पार्षद स्नेहलता राय, विधायक योगेश शुक्ला, मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव भारत सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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