हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पर संगोष्ठी, नारद जयंती पर हुई “पत्रकारिता एवं सोशल मीडिया” पर चर्चा
हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पर संगोष्ठी, नारद जयंती पर हुई “पत्रकारिता एवं सोशल मीडिया” पर चर्चा
लखनऊ(हिन्द भास्कर):- नारद जयंती और हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर महापुरुष स्मृति समिति और मीडिया को-ऑप ने “पत्रकारिता एवं सोशल मीडिया” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। हजरतगंज के सेंटर कोर्ट बिल्डिंग में महर्षि नारद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम संयोजक भारत सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता की भूमिका और सोशल मीडिया की चुनौतियों पर गहन चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में पत्रकारिता सिर्फ खबर देने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का माध्यम बन गई है।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया सूचना को तुरंत पहुंचाने का एक अच्छा माध्यम है, लेकिन इसके साथ ही गलत सूचनाओं की पहचान की चुनौती भी बढ़ गई है। हमें नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ पत्रकारिता को आगे बढ़ाना होगा। वरिष्ठ पत्रकार पद्माकर पांडेय ने कहा, “हिन्दी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा गौरवशाली रही है।
नई पीढ़ी को इस विरासत को संभालते हुए सोशल मीडिया को सकारात्मक प्लेटफॉर्म बनाने की जरूरत है। वरिष्ठ पत्रकार आशीष मौर्य ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में हिंदी पत्रकारिता की शाब्दिक समीक्षा जरूर होनी चाहिए। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों, सोशल मीडिया के प्रभाव, फेक न्यूज की चुनौती और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विनय तिवारी, बृजनंदन राजू, डॉ0 सत्येन्द्र त्रिपाठी, संतोष कुमार सिंह, शम्भू शरण वर्मा, भास्कर सिंह, एडवोकेट अनुरक्त सिंह, पत्रकार अमर बहादुर, ज्योतिषाचार्य अभिषेक सिंह, अजय शर्मा, जितेंद्र कुमार वर्मा, सहित मीडिया जगत के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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