यूपी के एमएसएमई को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा वालमार्ट वृद्धि कार्यक्रम
योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो और वॉलमार्ट के बीच हुआ एमओयू
डिजिटल, ई-कॉमर्स और ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ेंगे एमएसएमई
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जैसे विषयों पर क्षमता-वृद्धि प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उद्देश्य है कि स्थानीय उद्यम वैश्विक मानकों के अनुरूप अपने उत्पादों को तैयार कर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बना सकें।
उद्यमियों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और मेंटरशिप
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निर्यात नीति 2025–30 से मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन
योगी सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 में ई-कॉमर्स निर्यात को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग के लिए राज्य सरकार द्वारा 75 प्रतिशत तक शुल्क (अधिकतम ₹3 लाख) का एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के निर्यातकों की वैश्विक बाजार में प्रवेश बाधाएं कम होंगी।
नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं
हस्ताक्षर समारोह में प्रदेश सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई विभाग) आलोक कुमार सहित वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट और EPB के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आलोक कुमार ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश का उभरता हुआ निर्यात और ई-कॉमर्स हब बन रहा है।
उन्होंने कहा, “एमएसएमई हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के साथ यह साझेदारी प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी।”
समग्र दृष्टि
वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने की यह पहल प्रदेश की निर्यात क्षमता, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और रोजगार सृजन को नई दिशा देने वाला कदम मानी जा रही है। यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को ग्लोबल MSME-रेडी स्टेट बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।
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