मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक जीसीसी एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया
बेंगलुरु रोडशो में जीसीसी, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और अवसंरचना क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले
प्रतिभा, विश्वस्तरीय अवसंरचना और निवेशक-अनुकूल वातावरण के बल पर उत्तर प्रदेश बना भारत का अगला जीसीसी ग्रोथ हब
बेंगलुरु/लखनऊ, 24 जून:
उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के विजन को गति देने और निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु में आयोजित 'उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026' के दौरान वैश्विक कंपनियों, जीसीसी संचालकों, प्रौद्योगिकी फर्मों, डेवलपर्स एवं निवेशकों के साथ व्यापक संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने गूगल सहित कई अग्रणी वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठकें कीं तथा शहरी अवसंरचना, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), आईटी एवं आईटीईएस तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडी आई) से जुड़े उच्चस्तरीय राउंडटेबल सत्रों में भाग लिया। उन्होंने निवेशकों को उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे निवेश पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ने का आमंत्रण देते हुए राज्य की प्रगतिशील नीतियों, मजबूत अवसंरचना, उत्तरदायी प्रशासन और देश के सर्वश्रेष्ठ प्रोत्साहन तंत्रों में से एक को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 36 से अधिक सेक्टोरल नीतियां निवेशकों को व्यापक अवसर प्रदान कर रही हैं और राज्य देश के सबसे बेहतर कारोबारी वातावरणों में से एक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने निवेशकों को सुरक्षा, आकर्षक सब्सिडी तथा सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित अनुमोदन का भरोसाराज्य सरकार उद्योगों के लिए सुरक्षित, सहयोगी और विकासोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
रोडशो के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की 15 कंपनियों के साथ 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश संबंधी समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। हॉराइजन (ब्लैकस्टोन), एम्बेसी, रहेजा माइंडस्पेस REIT और प्रेस्टिज ग्रुप जैसे प्रमुख डेवलपर्स ने निजी औद्योगिक एवं बिजनेस पार्क परियोजनाओं में निवेश की प्रतिबद्धता जताई। वहीं एलजी, इनमोबी, अमेरिप्राइज़, एओएन, मेटलाइफ और टेबलस्पेस जैसी वैश्विक कंपनियों ने नए GCC स्थापित करने की घोषणा की। टीमलीज़ ने GCC क्षेत्र के लिए प्रतिभा विकास एवं कौशल संवर्धन में सहयोग देने का आश्वासन दिया।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला। ऐस इंटरनेशनल लिमिटेड ने डेयरी विनिर्माण, एबी इनबेव ने ब्रूइंग, मैपलेट्री ने औद्योगिक अवसंरचना तथा सिर्मा ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश की प्रतिबद्धता जताई। वहीं केन्स ने इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में विस्तार की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के जीसीसी सेक्टर के लिए राज्य का महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2031 तक 4 करोड़ वर्गफुट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस क्षेत्र विकसित करने, 500 जीसीसी (GCC) इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने तथा प्रतिवर्ष उपलब्ध होने वाले लगभग 2 लाख STEM स्नातकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और उभरती प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के क्षेत्र में देश के शीर्ष तीन गंतव्यों में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
43 मिलियन वर्गफुट से अधिक ग्रेड-ए कार्यालयीय स्पेस, विशाल प्रतिभा आधार तथा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे प्रौद्योगिकी केंद्रों के कारण उत्तर प्रदेश वैश्विक कंपनियों की पसंदीदा निवेश स्थली बनता जा रहा है। जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोरों ने राज्य की कनेक्टिविटी एवं वैश्विक पहुंच को और मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुनः दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार पारदर्शिता, सुगम व्यापार व्यवस्था, सुरक्षा, नीतिगत स्थिरता और निवेशकों को निर्बाध सहयोग प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे उत्तर प्रदेश प्रौद्योगिकी आधारित विकास और वैश्विक व्यापार विस्तार के लिए देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल हो चुका है।
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