यूपी में संपत्ति कर बकायेदारों को राहत: 15 अगस्त से 762 नगरीय निकायों में OTS योजना लागू, 3 किस्तों में भरें बकाया

यूपी में संपत्ति कर बकायेदारों को राहत: 15 अगस्त से 762 नगरीय निकायों में OTS योजना लागू, 3 किस्तों में भरें बकाया

Aug 10, 2026 - 15:53
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यूपी में संपत्ति कर बकायेदारों को राहत: 15 अगस्त से 762 नगरीय निकायों में OTS योजना लागू, 3 किस्तों में भरें बकाया

लखनऊ(हिन्द भास्कर):- राज्य सरकार ने नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर की वसूली और करदाताओं को राहत देने के लिए ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना OTS लागू की जाएगी।

17 नगर निगम, 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों को लाभ

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में लंबित गृहकर, जलकर एवं सीवरकर के बकायेदारों को लाभ मिलेगा। योजना का उद्देश्य बकाये की प्रभावी वसूली, न्यायालयीय विवादों में कमी लाना और नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है।

15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी योजना

मंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। OTS योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री शर्मा ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना की अवधि चार माह निर्धारित की गई है।

इसका क्रियान्वयन 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। 15 अगस्त से 14 सितंबर 2026 के बीच नगरीय निकाय सभी करदाताओं और हितधारकों को योजना की जानकारी देकर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

3 किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया

करदाताओं को राहत देने के लिए सरकार ने OTS के अंतर्गत बकाया संपत्ति कर के भुगतान के लिए अधिकतम तीन किस्तों की सुविधा दी है। करदाता को योजना लागू होने की तिथि से 30 दिन के भीतर कुल बकाये की एक-तिहाई धनराशि जमा करनी होगी। शेष दो-तिहाई धनराशि अगले दो माह में दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी।

इस तरह पूरी धनराशि का भुगतान अधिकतम तीन माह में अनिवार्य रूप से करना होगा। मंत्री शर्मा ने कहा कि इस योजना से करदाताओं को पुराने बकाये निपटाने का सरल अवसर मिलेगा और नगरीय निकायों को लंबे समय से लंबित राजस्व की समयबद्ध वसूली हो सकेगी।

इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि नगरीय निकायों की आय के स्रोत मजबूत हों और वे विकास कार्यों के लिए और सक्षम बनें।

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