इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनाई दी बुलंदशहर मॉडल की गूंज!
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर के जिला जज संजय कुमार सिंह और एसएसपी दिनेश कुमार सिंह द्वारा 17 सितंबर 2026 को आयोजित फॉरेंसिक कार्यशाला को रोल मॉडल माना है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश के पैरा 14 में दोनों अधिकारियों की विशेष प्रशंसा की और पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे कौशल संवर्धन कार्यक्रम कराने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद(हिन्द भास्कर):- आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक आदेश पारित किया है, और बुलंदशहर पुलिस और न्यायपालिका की संयुक्त पहल को पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बताया है।
कोर्ट ने अपने आदेश के पैरा नंबर 13 में संज्ञान लिया कि बुलंदशहर के जिला जज संजय कुमार सिंह और SSP दिनेश कुमार सिंह ने यूपी फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक के समन्वय से 17 सितंबर 2026 को पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के लिए फोरेंसिक साइंस पर 'कौशल संवर्धन' कार्यशाला का आयोजन किया था।
इसी के साथ प्रयागराज के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। पैरा नंबर 14 में हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि इस अभूतपूर्व योगदान के लिए जिला जज और SSP बुलंदशहर विशेष प्रशंसा के पात्र हैं।
कोर्ट ने माना कि वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार और विधि विभाग को नियमित रूप से ऐसे फोरेंसिक वर्कशॉप आयोजित करने चाहिए और अब इस पहल से प्रभावित होकर हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि बुलंदशहर की तर्ज पर पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जिला जज और पुलिस ऐसे ही कौशल संवर्धन कार्यक्रम आयोजित करें।
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