यूपी में बनेंगी फ्यूचर रेडी तहसीलें

डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में ऐतिहासिक कदम

Jan 7, 2026 - 12:07
Jan 7, 2026 - 13:35
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लखनऊ, 07 जनवरी।
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के राजस्व प्रशासन को अत्याधुनिक, डिजिटल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से फ्यूचर रेडी तहसीलों का निर्माण कर रही है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न और डिजिटल इंडिया अभियान का विस्तार है, जिसके तहत तहसीलों को मॉडल प्रशासनिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

इन तहसीलों में उच्च-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, एआई आधारित सिस्टम और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान में प्रदेश की सभी राजस्व तहसीलों का सर्वे और फ्रेमवर्क निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अत्याधुनिक तकनीकी और डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगी फ्यूचर रेडी तहसीलें

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फ्यूचर रेडी तहसीलों के तहत राजस्व सेवाओं का पूर्ण डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसमें—

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन रिकॉर्ड मैनेजमेंट

  • ई-फाइलिंग और पेपरलेस सिस्टम

  • स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेटेड वर्कफ्लो

जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे भूमि रजिस्ट्री, प्रमाण-पत्र निर्गमन और विवाद निपटारा जैसी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएंगी। नागरिकों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

मॉडल प्रशासनिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगी तहसीलें

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राजस्व विभाग के अनुसार, सर्वे के माध्यम से तहसीलों की वर्तमान स्थिति, आवश्यक अपग्रेडेशन और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। आगामी चरण में इन तहसीलों को—

  • ब्लॉकचेन आधारित डेटा सुरक्षा

  • एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम

  • नागरिक-केंद्रित ई-गवर्नेंस मॉडल

से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल राजस्व प्रशासन सशक्त होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश और विकास गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

योगी सरकार का विज़न

ग्रीन एनर्जी से संचालित होगी लखनऊ की एआई सिटी

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लखनऊ में प्रस्तावित एआई सिटी को पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सोलर एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन को ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य स्रोत बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तकनीकी विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान प्राथमिकता देना है।

डेटा सेंटर्स और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक ऊर्जा दक्षता मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। ग्रीन एनर्जी आधारित डेटा सेंटर्स से प्रदेश को वैश्विक तकनीकी निवेशकों का भरोसा मिलेगा।

सस्टेनेबल डेवलपमेंट के जरिए निवेश और तकनीक पर फोकस

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एआई सिटी में—

  • ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट

  • ऊर्जा-कुशल निर्माण सामग्री

  • स्मार्ट मोबिलिटी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट

  • जल संरक्षण और प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग

को अनिवार्य किया जाएगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार, बेहतर पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी लाभ सुनिश्चित होंगे।


दूरगामी परिणाम

फ्यूचर रेडी तहसीलें और ग्रीन एनर्जी आधारित एआई सिटी, उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के माध्यम से प्रशासनिक और तकनीकी क्रांति की दिशा में निर्णायक कदम हैं। यह पहल प्रदेश को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी, बल्कि नागरिक-केंद्रित शासन को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

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Deepak Tiwari राजनीतिक विश्लेषक