यूपी के हर जिले के लिए तय होगा सालाना निवेश लक्ष्य, मंत्री नंदी ने दिए उद्यमी मित्रों के प्रदर्शन मूल्यांकन के निर्देश

यूपी के हर जिले के लिए तय होगा सालाना निवेश लक्ष्य, मंत्री नंदी ने दिए उद्यमी मित्रों के प्रदर्शन मूल्यांकन के निर्देश

Aug 26, 2026 - 12:27
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यूपी के हर जिले के लिए तय होगा सालाना निवेश लक्ष्य, मंत्री नंदी ने दिए उद्यमी मित्रों के प्रदर्शन मूल्यांकन के निर्देश

लखनऊ(हिन्द भास्कर):- उत्तर प्रदेश सरकार अब प्रत्येक जिले के लिए वार्षिक निवेश लक्ष्य तय करेगी। परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के लिए उद्यमी मित्रों और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के प्रशिक्षण और कार्य-प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन भी किया जाएगा।

मंगलवार को औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में इन्वेस्ट यूपी, उद्यमी मित्रों और जीएम डीआईसी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी और अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार भी मौजूद रहे। मंत्री नंदी ने कहा कि यह बैठक केवल एक सामान्य बैठक बनकर न रह जाए। यह प्रदेश की बदलती औद्योगिक तस्वीर, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और रोजगार की नई संभावनाओं पर सार्थक विमर्श का मंच बने।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल एमओयू तक सीमित नहीं है। अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 16 हजार से ज्यादा परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं और पांचवीं जीबीसी की तैयारी जारी है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश की जीएसडीपी बढ़कर 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जिसे आने वाले वर्षों में 39.8 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय जीडीपी में यूपी की हिस्सेदारी अब 9.1 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा या पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रदेश में 33 लाख से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 38 लाख लोगों को रोजगार मिला है, जिनमें 2.09 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं। राज्य मंत्री जसवंत सैनी ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार से कंपनी पंजीकरण बढ़ा है। पहले जहां सालाना 500 कंपनियां पंजीकृत होती थीं, अब यह संख्या 4500 से अधिक हो गई है।

वर्तमान में प्रदेश में 33 हजार से अधिक पंजीकृत कंपनियां हैं। उन्होंने उद्यमी मित्रों को निर्देश दिया कि वे सरकार और निवेशकों के बीच सेतु बनें और केवल निवेश की राशि नहीं, बल्कि निवेशकों के विश्वास और संतुष्टि को प्राथमिकता दें। बैठक में इन्वेस्ट यूपी को उद्यमी मित्रों और जीएम डीआईसी का नियमित प्रशिक्षण और मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिलों में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और नई तकनीकों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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