DGME की कुर्सी से हटेंगे IAS - हाईकोर्ट के अल्टीमेटम के बाद योगी सरकार का U-टर्न, डॉक्टर ही बनेगा डॉक्टरों का बॉस
DGME की कुर्सी से हटेंगे IAS - हाईकोर्ट के अल्टीमेटम के बाद योगी सरकार का U-टर्न, डॉक्टर ही बनेगा डॉक्टरों का बॉस
लखनऊ(हिन्द भास्कर):- चिकित्सा शिक्षा विभाग में पिछले 20 साल से चला आ रहा IAS राज अब खत्म होने जा रहा है। हाईकोर्ट के सख्त दबाव के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पहली बार राजकीय मेडिकल कॉलेजों के नियमित प्रधानाचार्यों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है।
मतलब साफ है, अब महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा यानी DGME की कुर्सी पर कोई IAS नहीं, बल्कि एक सीनियर डॉक्टर बैठेगा। सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि जब मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर हैं तो उनका हेड IAS क्यों? इसी सवाल के बाद विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा और आनन-फानन में सीनियोरिटी लिस्ट जारी करनी पड़ी।
नई व्यवस्था के तहत सबसे सीनियर नियमित प्रधानाचार्य को प्रमोट करके DGME बनाया जाएगा। विभाग ने 7 दिन में आपत्तियां मांगी हैं। आपत्ति निस्तारण के बाद फाइनल लिस्ट और फिर तैनाती का आदेश जारी होगा। इस फैसले से यूपी के 30 से ज्यादा राजकीय मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों में खुशी है। लंबे समय से उनकी मांग थी कि तकनीकी पद पर तकनीकी व्यक्ति ही होना चाहिए।
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