गोरखपुर में भू -जल दोहन पर सख्ती की मांग, डीएम से अवैध सबमर्सिबल पंप और कार वॉश सेंटरों की जांच की अपील

गोरखपुर में बढ़ते भू-जल दोहन को लेकर राधिका देवी चैरिटेबल मेमोरियल ट्रस्ट ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अवैध सबमर्सिबल पंप, व्यावसायिक आरओ प्लांट और कार वॉशिंग सेंटरों की जांच कराने तथा नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Jul 30, 2026 - 20:05
Jul 30, 2026 - 20:09
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गोरखपुर में भू -जल दोहन पर सख्ती की मांग, डीएम से अवैध सबमर्सिबल पंप और कार वॉश सेंटरों की जांच की अपील

गोरखपुर। शहर में लगातार बढ़ रहे भूजल दोहन को लेकर राधिका देवी चैरिटेबल मेमोरियल ट्रस्ट ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से संचालित सबमर्सिबल पंपों, व्यावसायिक आरओ प्लांटों और कार वॉशिंग सेंटरों के खिलाफ जांच एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति के सबमर्सिबल पंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही कई व्यावसायिक आरओ प्लांट और कार वॉशिंग सेंटर बिना जल पुनर्भरण (वॉटर रिचार्ज) और जल संरक्षण की पर्याप्त व्यवस्था के प्रतिदिन बड़ी मात्रा में भूजल का उपयोग कर रहे हैं।

ट्रस्ट का आरोप है कि लगातार हो रहे इस अत्यधिक भूजल दोहन के कारण शहर का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में गोरखपुर को जल संकट और डार्क जोन जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि संबंधित प्रतिष्ठान बिना आवश्यक अनुमति या निर्धारित मानकों के भूजल का दोहन कर रहे हैं, तो यह पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों तथा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हो सकता है। ट्रस्ट ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

ट्रस्ट ने सुझाव दिया है कि संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर शहर में संचालित सबमर्सिबल पंपों, आरओ प्लांटों और कार वॉशिंग सेंटरों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल रीसाइक्लिंग व्यवस्था को अनिवार्य बनाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ट्रस्ट का कहना है कि भूजल संरक्षण पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के हित में अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रशासन को इस विषय पर शीघ्र हस्तक्षेप कर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार राधिका देवी चैरिटेबल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन एवं उसमें किए गए दावों पर आधारित है। समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्ष के हैं। प्रशासनिक जांच या आधिकारिक कार्रवाई के बाद तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।

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Keshav Shukla साहित्यकार, उद्घोषक, पत्रकार