घुमंतू विकास बोर्ड गठन ऐतिहासिक फैसला, अब "घुमंतू" नहीं "टिकंतू" बन रहा समाज

घुमंतू विकास बोर्ड गठन ऐतिहासिक फैसला, अब "घुमंतू" नहीं "टिकंतू" बन रहा समाज

Aug 6, 2026 - 20:07
Aug 6, 2026 - 20:19
 0  19
घुमंतू विकास बोर्ड गठन ऐतिहासिक फैसला, अब "घुमंतू" नहीं "टिकंतू" बन रहा समाज

लखनऊ(हिन्द भास्कर):- गुरुवार को प्रदेश कैबिनेट द्वारा घुमंतू विकास बोर्ड गठन के निर्णय के उपरांत समाज की ओर से आयोजित आभार एवं अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' का जो मंत्र देश को दिया था, उसी संकल्प का विस्तार आज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

बिना जाति, क्षेत्र, भाषा अथवा किसी प्रकार के भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की इसी सोच की नई कड़ी घुमंतू विकास बोर्ड है।

ऐतिहासिक अन्याय का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने 1871 के क्रिमिनल ट्राइब एक्ट के माध्यम से उन वीर समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई थी। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इन जातियों पर कलंक लगाया ताकि उनका सामाजिक सम्मान समाप्त हो जाए।

स्वतंत्र भारत में बाबा साहेब डॉ0 भीमराव आंबेडकर ने इस अन्याय को समाप्त करते हुए इन समुदायों को विमुक्त जाति का सम्मान दिलाया, किंतु उनके समुचित विकास के लिए अपेक्षित प्रयास लंबे समय तक नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इनके लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग का गठन हुआ और उसी भावना के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय लिया है।

बोर्ड की संरचना और उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष घुमंतू समाज के सम्मेलन में उनके समक्ष बोर्ड गठन की मांग रखी गई थी और उन्होंने उसी समय इसकी घोषणा की थी। अब बोर्ड के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसका गठन शीघ्र पूरा किया जाएगा तथा इसकी संरचना ऐसी होगी जिसमें विभिन्न घुमंतू एवं विमुक्त जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो, ताकि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल, सहरिया सहित अनेक वंचित समुदायों को पहली बार शासन की योजनाओं से व्यापक रूप से जोड़ा है। राशन कार्ड, भूमि के पट्टे, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, निःशुल्क विद्युत एवं गैस कनेक्शन तथा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ इन समुदायों तक पहुंचाया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सभी योजनाओं से शत प्रतिशत आच्छादित करना है।

महापुरुषों को सम्मान

उन्होंने कहा कि सरकार ने उपेक्षित समाज के महापुरुषों और वीरांगनाओं को भी उनका उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। श्रृंगवेरपुर में भगवान श्रीराम के साथ निषादराज गुह्य की भव्य प्रतिमा, बहराइच में महाराजा सुहेलदेव विजय स्मारक, महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय एवं मेडिकल कॉलेज, वीरांगना अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई के नाम पर महिला पुलिस बटालियन इसी सम्मान की श्रृंखला के उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह समुदाय प्राचीन काल से शिवावतारी गुरु श्री गोरखनाथ जी की परंपरा का अनुयायी रहा है। राज्य सरकार इनके सम्मानजनक पुनर्वास तथा समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

मंत्री और समाज के प्रतिनिधियों ने जताया आभार

इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी है। यह बोर्ड विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को विमुक्त एवं घुमंतू समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सेतु बनेगा। लोग कहने लगे हैं कि यह समाज अब घुमंतू नहीं, टिकंतू हो रहा है।

कार्यक्रम में विमुक्त एवं घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। सुभाष जोगी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहली बार हमारे समाज की सुध ली गई। शिवपूजन राम ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड का गठन समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। वेदपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विमुक्त एवं घुमंतू समाज को इतना सम्मान दिया है, जैसा पहले कभी नहीं देखा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन पर सपेरा समाज ने पारंपरिक बीन वादन के साथ उनका अभिनंदन किया। उपस्थित लोगों ने 'योगी बाबा जिंदाबाद' के नारों के साथ घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow