सरदार पटेल आधुनिक भारत के शिल्पकार - इंजीनियर ए.एन. त्रिपाठी
दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को पंडित ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी किसान पीजी कॉलेज में भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। यह आयोजन सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत हुआ, जिसमें राष्ट्र की एकता बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह: किसान पीजी कॉलेज में मनाई गई लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती
हिन्द भास्कर, गोरखपुर।
दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पंडित ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी किसान पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
यह कार्यक्रम सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाओं, कार्यक्रम अधिकारियों एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई। अनेक वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सतीश दुबे, राजीव सिंह एवं राजकुमार यादव ने सरदार पटेल के जीवन, उनके दृढ़ संकल्प और देश की 562 रियासतों को एकीकृत करने की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वंदना पांडे ने किया तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वकील धर दुबे ने की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक इंजीनियर ए.एन. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि "सरदार पटेल आधुनिक भारत के शिल्पकार थे। उन्होंने विषम परिस्थितियों में राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोया। आज हम जो एकीकृत भारत देख रहे हैं, वह उनकी दूरदर्शिता और लौह इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।"
उन्होंने युवाओं से सरदार पटेल के आदर्शों - एकता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकता की शपथ ली।
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