देवरिया अवैध हिरासत मामला: हाईकोर्ट सख्त, SHO की सैलरी से वसूला जाएगा 65 हजार का मुआवजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया के गौरी बाजार थाने में 4 लोगों को 10 दिन अवैध हिरासत में रखने पर SHO की सैलरी से 65 हजार मुआवजा वसूलने का सख्त आदेश दिया।
प्रयागराज/देवरिया(हिन्द भास्कर ब्यूरो):- देवरिया के गौरी बाजार थाने में 4 लोगों को अवैध हिरासत में रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिया है।
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 4 याचिकाकर्ताओं को कुल 65 हजार रुपये मुआवजा देने और ये रकम दोषी SHO के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया है।
10 दिन तक रखा थाने में
याचिकाकर्ता महेंद्र गौड़ और 3 अन्य की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने उन्हें 13 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 के बीच बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के थाने में रखा।
एक याचिकाकर्ता को 2 दिन और अन्य तीन को लगभग 10 दिन तक हिरासत में रखा गया और मजिस्ट्रेट के सामने भी पेश नहीं किया गया।
CCTV फुटेज गायब, GD में भी एंट्री नहीं
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने थाने के CCTV फुटेज तलब किए थे। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि 12 अप्रैल 2026 को CCTV सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई थी।
कोर्ट ने पूछा कि क्या इसकी एंट्री जनरल डायरी (GD) में की गई? तो SHO डॉ. महेंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि GD में कोई विवरण दर्ज नहीं है। देवरिया SP ने भी कोर्ट को बताया कि उन्हें CCTV खराब होने की सूचना नहीं दी गई थी।
कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के 'परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह' फैसले का हवाला दिया और कहा कि थानों में CCTV का 24 घंटे चालू रहना अनिवार्य है।
मुआवजा और सख्ती
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता संख्या 2, 3 और 4 को 20-20 हजार रुपये और याचिकाकर्ता संख्या 1 को 5 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए।
जांच के बाद ये पूरी राशि तत्कालीन SHO के वेतन से वसूली जाएगी। साथ ही उनके इस आचरण को सर्विस बुक में दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया है।
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