UP SI भर्ती 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका, नियुक्ति पत्र वितरण पर अंतरिम रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP SI भर्ती 2025 पर अंतरिम रोक लगाई। आंसर-की विवाद में 44 याचिकाओं पर सुनवाई, नियुक्ति पत्र वितरण टला। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को।

Oct 1, 2026 - 18:02
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UP SI भर्ती 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से  झटका, नियुक्ति पत्र वितरण पर अंतरिम रोक

प्रयागराज(हिन्द भास्कर):- उन हजारों युवाओं के लिए झटके वाली खबर है। जो उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा भर्ती का इंतजार कर रहे है। आप को बता दे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP Police SI भर्ती 2025 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।

कोर्ट में इस भर्ती से जुड़ी 44 से ज्यादा याचिकाएं विचाराधीन हैं। जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता श्याम सुंदर, कमलेश यादव, यश पांडेय सहित अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। तब तक कोई भी नियुक्ति पत्र जारी नहीं होगा।

क्या है पूरा विवाद?

यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इस भर्ती का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया था। 4543 पदों के लिए करीब 15 लाख 75 हजार आवेदन आए थे। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को चार शिफ्टों में हुई, जिसमें 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी।

लेकिन फाइनल आंसर-की उसी दिन जारी की गई जिस दिन लिखित परीक्षा का रिजल्ट आया, यानी 7 मई को। अभ्यर्थियों का आरोप है कि फाइनल की में कई प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। चूंकि एक सवाल 2.5 नंबर का था, इसलिए उत्तर बदलने से मेरिट में बड़ा फेरबदल हो गया।

कई अभ्यर्थी 2-3 नंबरों से लिखित में ही बाहर हो गए, तो कई ऐसे हैं जो फिजिकल और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तक पहुंचे लेकिन 14 जुलाई को जारी फाइनल रिजल्ट में 1-2 नंबर से बाहर हो गए। अभ्यर्थियों ने इसको लेकर बोर्ड में आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

क्या है नया अपडेट?

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे, अधिवक्ता संजय कुमार यादव और आलोक मिश्र ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आंसर-की में बदलाव मनमाना है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया याचिका को गंभीर मानते हुए नियुक्ति पर रोक लगा दी है।

उधर शासन स्तर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जल्द ही चयनित 12,733 अभ्यर्थियों में से अंतिम रूप से चयनित हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी चल रही थी, लेकिन अब कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्यक्रम टल गया है। अब सबकी नजर 5 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी है।

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