युवाओं को सरकार से जवाब मांगने का अधिकार है - संतु पान, जेन-जी कॉन्क्लेव में यूथ लीडरशिप पर चर्चा
संस्कृति संसद के अंतर्गत जेन-जी कॉन्क्लेव के दूसरे दिन ‘यूथ लीडरशिप: वॉयस टू एक्शन’ विषय पर चर्चा हुई। पश्चिम बंगाल के भाजपा युवा विधायक संतु पान ने कहा कि जेन-जी आलसी नहीं, बल्कि नई सोच रखने वाली पीढ़ी है और युवाओं को सरकार से जवाब मांगने का अधिकार है। टाटा पावर के भारत छाबड़ा और वक्ताओं ने युवाओं को पीढ़ियों में बांटने की साजिश से बचने की सलाह दी।
वाराणसी।
जेन-जी कॉन्क्लेव के दूसरे दिन ‘यूथ लीडरशिप: वॉयस टू एक्शन’ विषय पर युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई।
पश्चिम बंगाल के भाजपा युवा विधायक संतु पान ने कहा कि युवा देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान भी हैं। अक्सर जेन-जी को आलसी और स्मार्टफोन में व्यस्त कहा जाता है, लेकिन आज का युवा नई सोच वाला और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकार से जवाब मांगने का अधिकार है, सवाल उठाने पर उन्हें चार दिन जेल में भी रहना पड़ा।
टाटा पावर ग्रुप के चीफ एथिक्स काउंसलर भारत छाबड़ा ने कहा कि सफलता के लिए आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण जरूरी है और बच्चों को संतुलित जीवन के लिए 10 बिंदुओं की गाइडलाइन दी।
वक्ता श्रीवेश कुमार ने कहा कि ‘जेन-जी’ जैसा शब्द युवाओं को अलग पहचान देने के बजाय उन्हें पीढ़ियों के आधार पर बांटने का माध्यम बन रहा है। पहले धर्म, जाति के नाम पर बांटा गया, अब जनरेशन गैप के नाम पर बांटा जा रहा है। कुछ राजनीतिक शक्तियां युवाओं को भटका रही हैं।
अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि आधुनिक होने का मतलब आधुनिक कपड़े नहीं, विचारों का आधुनिक होना है। कवि डॉ. शिव प्रकाश साहित्य ने अपनी कविता के माध्यम से युवाओं के संस्कारों को जीवित रखने का संदेश दिया। मंच संचालन वैभव मिश्रा ने किया।
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