दीपोत्सव-2026 में दिखेगा लोक संस्कृति का महाकुंभ, मयूर से छऊ और घूमर से झिझिया तक बिखेरेंगे रंग

दीपोत्सव-2026 में रामनगरी अयोध्या लोक संस्कृति के महाकुंभ के रूप में सजेगी। यूपी के मथुरा, प्रयागराज, सोनभद्र, गोरखपुर सहित अनेक जिलों और पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश सहित देशभर से आए लोक कलाकार मयूर, ढेढिया, थारू, छऊ, घूमर, बोनालू जैसी लोक विधाओं की प्रस्तुति देंगे। शोभायात्रा और सांस्कृतिक मंचों पर इन प्रस्तुतियों से भारतीय एकता का संदेश जाएगा।

Nov 4, 2026 - 20:36
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दीपोत्सव-2026 में लोकनृत्यों से सजेगी रामनगरी, देशभर के कलाकार करेंगे प्रस्तुति

अयोध्या दीपोत्सव में दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विविधता, यूपी सहित 9 राज्यों के कलाकार आएंगे।

लखनऊ।

दीपोत्सव-2026 में रामनगरी की सड़कों और सांस्कृतिक मंचों पर देश की विविध लोक परंपराओं के रंग देखने को मिलेंगे। आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकार अपने पारंपरिक नृत्यों और लोक विधाओं की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों के कलाकार भी अपनी क्षेत्रीय लोककला के माध्यम से दीपोत्सव की सांस्कृतिक भव्यता बढ़ाएंगे।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव के जरिए भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं का संदेश दुनिया तक पहुंचेगा।

यूपी के जिलों की प्रमुख प्रस्तुतियां:

प्रदेश के लोक कलाकार दलों में मथुरा का मयूर और बम रसिया नृत्य, प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल-सिंघा और करमा नृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे। अयोध्या के कलाकार बधावा, फरुवाही तथा डमरू एवं शंख नृत्य की प्रस्तुति देंगे। वहीं गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया, पीलीभीत का थारू, झांसी का राई, सुलतानपुर का नटवरी और बहराइच का डोमकच नृत्य भी अपनी लोक परंपरा की झलक दिखाएगा।

देशभर की लोक विधाएं भी होंगी शामिल:

दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों की लोक विधाओं को भी स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल के कलाकार श्री खोल, ओडिशा के कलाकार मास्क डांस, शाही जात्रा, रणप्पा चढैय्या और शंख वादन, झारखंड का पुरुलिया छऊ, मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा, कर्नाटक का ढोलु कुनीथा और गुजरात का तलवार रास भी दर्शकों को आकर्षित करेगा। इसके अलावा राजस्थान का घूमर-चरी, बिहार की झिझिया, चेन्नई की कावड़ी, कड़गम व मयूर नृत्य तथा आंध्र प्रदेश का बोनालू भी दीपोत्सव की प्रस्तुतियों का हिस्सा होंगे।

शोभायात्रा में भी लोक रंग:

दीपोत्सव की शोभायात्रा में भी लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव को जीवंत बनाएंगे। इसमें प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, मथुरा का मयूर नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल एवं सिंघा नृत्य और अयोध्या का बधावा नृत्य शामिल रहेगा। आजमगढ़ के कलाकार धोबिया नृत्य और प्रयागराज के कलाकार कबीरी गायन प्रस्तुत करेंगे।

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में दीपों की रोशनी के साथ लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कलाओं की छटा भी रामनगरी को खास पहचान देगी। लोक प्रस्तुतियों के जरिए दीपोत्सव भारतीय संस्कृति की विविधता, परंपरा और आपसी एकता का संदेश प्रसारित करेगा।

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Keshav Shukla साहित्यकार, उद्घोषक, पत्रकार