संस्कृति संसद में देश-विदेश के कलाकारों की पेंटिंग और छायाचित्र प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
संस्कृति संसद में लगी कला प्रदर्शनी में देश-विदेश के कलाकारों की कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र बनीं। पद्मश्री दुलारी देवी की मधुबनी पेंटिंग और पद्मश्री श्याम शर्मा की हनुमान पेंटिंग विशेष आकर्षण रही। प्रदर्शनी में काशी के घाटों, महादेव के स्वरूपों और महाकुंभ पर आधारित पेंटिंग लगाई गई हैं।
वाराणसी। संस्कृति संसद में कला और संस्कृति के विविध रंगों से सजी प्रदर्शनी में देश-विदेश के कलाकारों की कलाकृतियां एवं फोटो आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसमें पद्मश्री दुलारी देवी की बनाई मधुबनी पेंटिंग और पद्मश्री श्याम शर्मा की ओर से बनाई गई हनुमान जी की पेंटिंग विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
प्रदर्शनी में काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी कैनवास पर उकेरा गया है। काशी के घाटों पर आधारित तीन पेंटिंग, महादेव के विभिन्न स्वरूपों पर पेंटिंग और काशी के अलग-अलग दृश्यों पर आधारित सात पेंटिंग लगाई गई हैं। इसके अलावा एक मिथिला पेंटिंग और महाकुंभ से जुड़ी तीन कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं। अशोक सिंघल की पेंटिंग कलाकार अंचल चौधरी ने बनाई है।
फोटो प्रदर्शनी में थाईलैंड के रुबेन तस्मार, अमेरिका के डॉ. वेनिडेक्टो रियार्स और एरिन ब्रिडेन ब्रिक तथा तुर्की की देरेया अजार अस्ता सेवर के फोटो शामिल हैं।
कार्यक्रम स्थल रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के प्रवेश द्वार पर निहारिका, श्रुति, आरती, पलक, नंदिनी सहित छात्राओं द्वारा बनाई गई कलात्मक रंगोली में भारतीय संस्कृति को प्रस्तुत किया गया
है।
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