जेन जी कॉन्क्लेव: वक्ताओं ने कहा - जेन जी अमेरिकी षड्यंत्र, भारतीय युवा वसुधैव कुटुम्बकम का वाहक

काशी में संस्कृति संसद के अंतर्गत आयोजित जेन जी कॉन्क्लेव में वक्ताओं ने कहा कि जेन जी का विचार पूरी तरह से अमेरिकी षड्यंत्र है। भारतीय युवा को पश्चिमी नजरिए से नहीं समझा जा सकता। भारतीय दृष्टि में युवा वसुधैव कुटुंबकम का वाहक है। भारत का युवा आंदोलित है पर हिंसक नहीं है, यह भारतीय संस्कृति का प्रभाव है।

Nov 3, 2026 - 18:19
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जेन जी कॉन्क्लेव: वक्ताओं ने कहा - जेन जी अमेरिकी षड्यंत्र, भारतीय युवा वसुधैव कुटुम्बकम का वाहक

वाराणसी। काशी में आयोजित तीन दिवसीय संस्कृति संसद-2026 के अंतर्गत जेन जी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में युवा वक्ताओं ने कहा कि जेन जी का विचार पूरी तरह से अमेरिकी षड्यंत्र है। अमेरिकी दृष्टि युवाओं को वर्षों में बांटकर खंडित दृष्टि से देखती है, जबकि भारतीय दृष्टि में पूरी दुनिया एक कुटुंब है।

डॉ. दीपक प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया के कारण भारतीय युवाओं में नवीन व्यवहार आए हैं। पेपर लीक जैसे आंदोलनों में भारत का युवा शामिल हुआ लेकिन वह फ्रांस, इटली जैसा हिंसक नहीं हुआ, बल्कि अहिंसक रूप से विरोध किया। यह भारतीय संस्कृति के अनुरूप है।

कथक नृत्यकार विशाल कृष्ण ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा के कारण कलाएं जीवित हैं। दिल्ली सेंट्रल यूनिवर्सिटी की इशू मौर्य ने कहा कि जेन जी को हर घटना पर विचार नहीं देना चाहिए, केवल विश्वसनीय सूचनाओं पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष किसलय तिवारी ने कहा कि भारत के आदर्श युवा बालक कृष्ण, लव-कुश और नचिकेता हैं। भारतीय युवाओं का आदर्श पश्चिम का जेन जी नहीं है।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘हम हैं शाश्वत सत्य सनातन’ गीत से हुई। इसमें एल वन कोचिंग, आर्य महिला इंटर कॉलेज सहित वाराणसी के विभिन्न संस्थानों के युवा शामिल हुए। संचालन कौस्तुभ त्रिपाठी और वागेश ओझा ने किया।

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Keshav Shukla साहित्यकार, उद्घोषक, पत्रकार