चुनाव आयोग ने लगाया ट्रांसफर पर ब्रेक: यूपी में चुनाव तक DM-SDM के नहीं होगे तबादले
यूपी में चुनाव से पहले DM-SDM समेत निर्वाचन अधिकारियों के तबादलों पर रोक। 12 नवंबर से 4 जनवरी तक 54 दिन तक आयोग की अनुमति के बिना ट्रांसफर नहीं होंगे।
लखनऊ (हिन्द भास्कर):- चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव आते ही प्रदेश में चुनाव से जुड़े अफसरों के तबादलों पर रोक लगा दी है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के दौरान कोई भी DM, SDM, तहसीलदार, ERO और AERO का ट्रांसफर चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना नहीं हो सकेगा।
सूत्रों के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार 12 नवंबर से 4 जनवरी तक कुल 54 दिन तक ये रोक लागू रहेगी। इस दौरान निर्वाचन कार्य से जुड़ा कोई भी अधिकारी हटाया नहीं जाएगा।
क्या है पूरा शेड्यूल:
आयोग के द्वारा बनाए गए शेड्यूल के अनुसार 12 नवंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी। उसके बाद 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। 28 दिसंबर तक सभी दावों का निस्तारण होगा और 4 जनवरी को फाइनल मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी।
इस बार उन युवाओं के लिए भी बड़ी अच्छी खबर है जो इस बार 1 जनवरी 2027 को 18 साल पूरे कर चुके हो वो अपना नाम लिस्ट में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्यों लगी रोक?
आप को बता दे कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC कहती है कि वोटर लिस्ट का काम करने वाले अधिकारी सीधे चुनाव आयोग के कंट्रोल में रहते हैं।
इसी वजह से आयोग ने साफ कर दिया है कि पुनरीक्षण पूरा होने तक किसी भी अधिकारी का तबादला नहीं होगा, ताकि मतदाता सूची का काम प्रभावित न हो।
तबादला करने से पहले आयोग की अनुमति जरूरी
बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 1 जनवरी को पात्रता तिथि मानते हुए वोटर लिस्ट का विशेष पुनरीक्षण कराया जाएगा।
इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) समेत पुनरीक्षण कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों के पद खाली नहीं रखे जाएंगे।
अधिकारियों का तबादला करने से पहले आयोग की अनुमति लेनी जरूरी होगी।
What's Your Reaction?
