मुंबई में गोरखपुर की बेटी का सम्मान: सामाजिक सेवा के लिए पुष्पलता सिंह अम्मा को मिला कर्मवीर अवार्ड
सामाजिक एवं मानवीय सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर गोरखपुर के मातृ आंचल सेवा संस्थान की संस्थापिका पुष्पलता सिंह अम्मा को मुंबई में आयोजित समारोह में कर्मवीर अवार्ड से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, गुजरात के शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की मौजूदगी में उन्हें यह सम्मान मिला, जिससे गोरखपुर जिले का नाम रोशन हुआ है।
गोरखपुर। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में गोरखपुर जिले का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। गोरखनाथ स्थित मातृ आंचल सेवा संस्थान की संस्थापिका एवं संचालिका पुष्पलता सिंह अम्मा को मुंबई में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रतिष्ठित ‘कर्मवीर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।
पुष्पलता सिंह को यह सम्मान असहाय, बेसहारा, दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों की निरंतर सेवा के लिए प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, गुजरात सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन गनुभाई वाजा तथा महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने अपने कर-कमलों से उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े योगेश लखानी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सम्मान प्राप्त करने के बाद पुष्पलता सिंह ने कहा, “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मातृ आंचल सेवा संस्थान से जुड़े प्रत्येक सहयोगी, सेवाभावी, दानदाता और शुभचिंतक का सम्मान है, जिसने मानव सेवा के इस कार्य में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दिया है।”
उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा अम्मा आश्रय निकेतन के माध्यम से बेसहारा एवं असहाय महिलाओं को आश्रय, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा एवं पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही ‘अंतिम ममता अभियान’ के तहत लावारिस एवं अज्ञात शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार, रक्तदान, निःशुल्क शिक्षा, भोजन एवं वस्त्र सेवा जैसे कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मवीर अवार्ड उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी को और मजबूती से निभाने की प्रेरणा है। उन्होंने इस सम्मान को संस्था के सभी सहयोगियों को समर्पित किया और सभी गणमान्य अतिथियों, विशेषकर डॉ आर पी सिंह, डॉ विपिन शाही, विनय शाही एवं डॉ डिसूजा के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुष्पलता सिंह ने कहा कि संस्था का मूल भाव है - “जहाँ कोई नहीं, वहाँ मैं हूँ।” इसी भावना के साथ मातृ आंचल सेवा संस्थान आगे भी जरूरतमंदों की सेवा में निरंतर प्रयासरत रहेगा और उन्होंने सभी सहयोगियों से अपना स्नेह और सहयोग बनाए रखने की अपील की।
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