राजधानी में अमीनाबाद की दवा मंडी पर गिरी गाज: 14 मेडिकल फर्मों पर ताला, 29 पर लटकी तलवार
लखनऊ की अमीनाबाद दवा मंडी में FSDA की बड़ी कार्रवाई, नकली दवा और फर्जी बिलिंग पर 14 फर्मों के लाइसेंस रद्द, 29 सस्पेंड
लखनऊ(हिन्द भास्कर):- राजधानी की सबसे बड़ी दवा मंडी अमीनाबाद, जहां से प्रदेश के लगभग हर छोटे-बड़े जिले में दवाएं सप्लाई होती हैं, वहां नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के काले कारोबार पर FSDA ने बड़ी कार्रवाई की है।
जांच में दोषी पाए गए 43 प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसते हुए 14 के लाइसेंस निरस्त और 29 के निलंबित कर दिए गए हैं। जबकि 5 फर्मों पर फैसला अभी बाकी है। अगस्त में एफएसडीए की जांच में सामने आया था कि अमीनाबाद से जुड़ी कुछ फर्में कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर नकली और काउंटरफीट दवाएं बाजार में खपा रही थीं।
इस के खिलाफ 12 अगस्त को थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई थी।
इन 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस हुए निरस्त
अब इसी कार्रवाई के क्रम में हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा और राम फार्मा के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इनके अलावा श्री बांके बिहारी फार्मा, न्यू बाबा फार्मा, छोटा फार्मा, भारत फार्मा, विद्या फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिक्स, एम.डी.एच. फार्मा, श्री राज राजेश्वर एंटरप्राइजेज और सुपरविजन ट्रेडर्स के लाइसेंस भी रद्द हुए हैं।
मिश्रा एसोसिएट्स के मुख्य प्रतिष्ठान और उसके गोदाम पर भी यही कार्रवाई हुई है। जांच सूची के अनुसार मिश्रा एसोसिएट्स का एक गोदाम बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा था। इससे पहले जुलाई में भी आलमबाग, बीकेटी और अमीनाबाद के एक अवैध गोदाम से नकली दवाएं बरामद हुई थीं।
केसरबाग में तो बिना माल भेजे ही बिलिंग करने वाले पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ था।
इन पांच फर्मों पर फैसला बाकी
विनोद फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, श्री कृष्णा फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, राज एंड ब्रदर्स फार्मा, गुरुजी फार्मास्युटिकल्स और सन लाइट फार्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इनके मामलों में अंतिम निर्णय अभी लंबित है।
इन पांचों फर्मों के ठिकाने भी अमीनाबाद में ही हैं। विभाग के अनुसार लखनऊ में अब तक करीब 41.58 लाख रुपये की अवैध दवाएं जब्त हो चुकी हैं और 32 लोगों के विरुद्ध 9 प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें 2 गिरफ्तारियां हुई हैं।
29 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें एस.एस. मेडिको, महालक्ष्मी ट्रेडर्स, ट्रेडमेड इंडिया प्रा. लि. (दो ठिकाने), मेडट्रास मल्टीवर्स, फार्मा सेल्स, सुखमनी फार्मा, बापू मेडिकल हॉल, अनंत एंटरप्राइजेज, संस्कृति फार्मा, ओम साई राम मेडिकोज (गोदाम), रुद्राक्ष फार्मा और दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स (मुख्य फर्म व गोदाम) शामिल हैं।
साथ ही भगवती एंटरप्राइजेज, जय श्री महाकाल फार्मास्युटिकल्स, मैक फार्मा, श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी, आर.जी. फार्मा, अनंतासिया फार्मा प्रा. लि., सोनल फार्मा, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल्स, एस.के.जी. मेडिकल्स, मां अम्बे फार्मा, श्री अष्टविनायक फार्मास्युटिकल्स, ए.एस. मेडिकल स्टोर, एस.पी. फार्मा, दूर्वा इंटरनेशनल और आर.एन. फार्मा के लाइसेंस भी निलंबित हैं। निलंबन अवधि में ये प्रतिष्ठान दवाओं का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगे।
FSDA अधिकारियों का कहना है कि नकली दवा और फर्जी बिलिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद अमीनाबाद दवा मंडी में हड़कंप मचा हुआ है।
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